ग़ज़ल
इश्क़ में फिर ठगा गया मुझको,
बेवफ़ा जो कहा गया मुझको।
सामने था सभी के मैं लेकिन,
काग़ज़ों में लिखा गया मुझको।
वो लिए था गुलाब हाथों में,
खार फिर भी चुभा गया मुझको।
चैन से सो नहीं सकी आँखें,
ख़्वाब झूठे दिखा गया मुझको।
बात उसकी लगी अजब यूँ फिर,
याद करके भुला गया मुझको।
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
कमी तो होनी ही है पानी की शहर में,
न किसीकी आँख में बचा है और न किसी के जज़्बात में !!
दिल में खोट है जुबान से प्यार करते है,
कुछ लोग दुनिया में बस यही व्यापार करते है !!
हमसे मिलना है तो वक्त चुराना सिखो.. 🍁
मोहब्बत कोई फुरसत का खेल नहीं..
तुमको भी जब अपनी कसमें अपने वादे याद नहीं
हम भी अपने ख़्वाब तेरी आँखों में रख कर भूल गए..!!
हमारे अपने कभी हमें रुलाते नहीं है,
......
रुलाते तो वो है जिन्हें हम अपना समझने की गलती करते है !!
इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नहीं
होती जितनी बचपन की तस्वीर देखकर ....
*वो मासूम पूजा व उपवास की पाबंद!..*
*मैं सरफिरा,बागी,आवारा,नशेड़ी शायर..!*
ठोकरें खाने के बाद ही समझ में आया जनाब,
सही कहता था जमाना कि दिल से नहीं दिमाग से सोचो !!
हर बात उन्हें गलत लगती थी..
अब दिल ने समझाना ही छोड़ दिया..!!
मुझे पता है मेरी खुदारी तुम्हे खो देगी,
...
मैं भी क्या करू मुझे मांगने की आदत नहीं !!
इज्ज़तें, शोहरतें, चाहतें, उल्फ़तें,
कोई भी चीज़ दुनिया में रहती नहीं
आज मैं हूँ जहाँ, कल कोई और था
ये भी एक दौर है, वो भी एक दौर था.!!
पहाड़ों की कंदराओं में बैठकर तप कर लेना सहज है,
किन्तु परिवार में रहकर धीरज बनाये रखना सबके बस की बात नहीं.!!
कभी-कभी लोग सत्य नहीं सुनना चाहते
क्योंकि वे अपने भ्रम को नष्ट नहीं करना चाहते हैं.!!
जिन्हें इश्क़ हो किताबों से...
वो भला क्यों सोएँ रातों में.!!
जीवन में सफल होने के लिये आपको दो चीज़ों की जरूरत होती है,
आत्मविश्वास और अनदेखा करना.!!
मुझे पता है मेरी खुदारी तुम्हे खो देगी,
मैं भी क्या करू मुझे मांगने की आदत नहीं !!
“तुझको आवाज दूँ....और दूर तक तू ना मिले,
ऐसे सन्नाटों से अक्सर मुझे डर लगता है...!”
दीपावली में तुम गर साथ होतीं,
ये अमावस मेरे लिए... चांद रात होती,
दीया मैं जलाता.. उसके लौ में अक्स
तुम्हारा होता,
दूर गगन से चांद हमें साथ देखकर मुस्कुराता,
तो मानो चांद का साथ होता
तब तारों की बारात होती,
तुम मेरी होती, मैं तुम्हारा होता..!!
किस जगह रख दूँ मैं,तेरी याद के चराग कों
की रौशन भी रहुं और हथेली भी न जले!
*दस्तक दे कर लौटने वाली तुझको कैसे समझाऊँ,*
*कुछ आवाज़ें रुक जाने के बाद सुनाई देती हैं...!!!*
बड़ी नादानी से पूछा उसने ,,
क्या अच्छा लगता है सबसे ज्यादा....
मैंने भी धीरे से कह दिया ,,
बस एक झलक तुम्हारी...!!
बेहतरीन होता है वो रिश्ता.........
जो तकरार होने के बाद भी सिर्फ एक मुस्कुराहट पर पहले जैसा हो जाए......
*अपनी असल कहानी उसी शख़्स को बताना...*
*जो पढ़ी हुई किताबें भी संभाल कर रखता हो..*
*_त्योहारों में गांव जाती_*
*_ये भीड़ अहसास कराती है.._*
*_शहर के पैसे से बड़ी , गांव_*
*के त्योहार की खुशी है .....!!*
प्रेमिका से पत्नी बनने के लिए एक जिद्द होनी चाहिए ...
*वरना घरवाले तो माता पार्वती के लिए भी नहीं माने थे !!*
मैं बहुत चाहता हूँ तुमको...
काश... वो भी ऐसा कह पाता...!!
चुपके से आकर मेरे दिल में
उतर जाते हो,
सांसो में मेरी खुशबू बन कर
बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का
जादू,
सोतें जागते अब तो तुम ही तुम
नज़र आते हो....!!!
जलेबी सिर्फ मीठी हीं नही,
एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है ...
खुद कितने भी उलझे रहो,
पर दूसरों को हमेशा
मिठास दो ...!!
कहीं नफ़रत देखी कहीं प्यार देखा,
कहीं मतलब से भरा संसार देखा...!
जहाँ पल भर में जीवन सँवर जाए,
ऐसा महादेव मैंने आपका दरबार देखा.....!!❤️
इश्क़ होता हैं तो होने दीजिए जनाब... .
मीठे जहर के शौकीन हम भी कुछ ज्यादा हैं...
माना कि जायज नहीं इश्क तुमसे बेपनाह करना...
मगर तुम अच्छे लगे तो ठान लिया ये गुनाह करना... .
वापस लौट कर आने कि तकलीफ मत करना... .
मनहूस चेहरे बार बार नहीं देखे जाते…
हमने आपको अपना वक्त दिया हैं… .
युं ही नही हर किसी पर वक्त बर्बाद करता… !!
ज़रा सा ना दिखूँ मैं… .
और तुम बेचैन हो जाओ... .
कुछ ऐसे इश्क़ की तलाश है हमें...
वो आख़िरी मुलाकात है… .
ये सोच कर मिले थे… .
और हम यूँ मिले की जैसे… .
मुलाकात ही पहली हो... .!!
कोई जिए हमें भी देख कर....तो बात बनें...
मर तो लोग किसी पे भी जाते हैं......!!
लैला नहीं थामती अब किसी बेरोजगार का हाथ
मजनू को अगर इश्क़ है तो पहले कमाना सीखले...!!
अगर तुम मेरे बिना जी सकते हो… .
तो मरेंगे हम भी नहीं… .!!
फ़िक्र तो आपकी आज भी है... .
बस जिक्र का हक अब नही रहा… .!!
तुम्हारा आना कोई बड़ी बात नहीं थी… .
तुम्हारा जाना बहुत खलता है... .!!
अपनी यादों के तंग कमरे में... .
वो हमें कैद कर के खुद आज़ाद हो गए... !!
हमने कब कहा कि वो हमें मिल जाए… .
गैर न हो जाये बस इतनी सी हसरत है... .!!
हो सकता है… . तुम्हारे लिए हम शायद हो… .
मगर हमारे लिए… . तो यकिन हो तुम... .!!
झूठे रिश्ते हमने किसी से बनाए नहीं... .
सच्चे बहुत ढूंढे मगर कहीं पाए नहीं...
दिल की बात दिल मे ही रही… .
ना तुमने कही ना हमने कही...
सारे फरिश्ते मुझे ही मिले हैं जिंदगी में
कोई गलती करता ही नही मेरे सिवा...
कैदी की तरह
नज़रबंदी में रखा जाना चाहिए
दिल को उसकी औकात में रखा जाना चाहिए ..
सुकून ढूंढ रहे हो?
कुछ वादें
कुछ यादें
कुछ सवाल
कुछ ख्याल
दिल से आजाद कर दो...
होने दो ज़रा उन्हें भी तन्हा… .
याद हम भी उन्हें बेहिसाब आएंगे…
वैसे तो अपनी राह पर
बिल्कुल सही हूँ मैं
लेकिन इल्ज़ाम ये है कि
कई लोंगो के मुताबिक नही हूँ मै ..
उदास होने पर भी मुझे हँसा देती हैं...
वो कुछ यादे है जो सिर्फ मेरी हैं...
ना रात कटती है ना जिंदगी,
एक शख्स वक़्त को बहुत धीमा कर गया!
आंखो से अश्क मैंने कभी बहाया नही
तुम्हारे सिवा किसी और को बसाया नही
आपको याद भी नही… .
कोई याद करता है आपको... .
हमे याद नहीं… .
कब याद नही किया हमने आपको…
तु मिल गया तो अब….
भगवान भी नाराज है हमसे...
कहते है की… .
अब तुम कुछ मांगते ही नहीं मुझसे...
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
.jpeg)
टिप्पण्या
टिप्पणी पोस्ट करा